छात्रसंघ अध्यक्ष गोविंद सिंह के नेतृत्व में 31 अगस्त से आंदोलन जारी, पूर्व अध्यक्ष ऋतिक चुनाल, कोषाध्यक्ष अमृता समेत अन्य छात्र नेता भी आंदोलन में शामिल
पुरोला। बर्फिया लाल जुवांठा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पुरोला में छात्र-छात्राओं की विभिन्न मांगों को लेकर छात्र नेताओं का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी है। छात्रसंघ अध्यक्ष गोविंद सिंह के नेतृत्व में 31 अगस्त 2026 से शुरू हुआ धरना महाविद्यालय में लगातार चल रहा है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
छात्र नेताओं की प्रमुख मांगों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर में विषयों की अपूर्णता को दूर करना, महाविद्यालय में सीटों की संख्या में वृद्धि तथा एनसीसी सीनियर कैडेट यूनिट की स्वीकृति शामिल है।
छात्र नेताओं का कहना है कि महाविद्यालय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर आवश्यक विषयों की अपूर्णता के चलते विद्यार्थियों को अपनी पसंद के विषयों की पढ़ाई के लिए अन्य संस्थानों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में महाविद्यालय में आवश्यक विषयों को पूर्ण रूप से उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।
इसके साथ ही छात्रों ने सीट वृद्धि की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि क्षेत्र के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए इसी महाविद्यालय पर निर्भर हैं। सीमित सीटों के कारण कई विद्यार्थियों को प्रवेश संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में महाविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों की सीट क्षमता बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।
एनसीसी सीनियर कैडेट यूनिट की स्वीकृति की मांग
छात्र नेताओं ने महाविद्यालय में एनसीसी सीनियर कैडेट यूनिट की स्वीकृति को भी अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है। उनका कहना है कि महाविद्यालय में एनसीसी की सुविधा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण एवं अनुशासन के साथ-साथ भविष्य में विभिन्न अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
धरने में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋतिक चुनाल, कोषाध्यक्ष अमृता समेत अन्य छात्र नेता एवं छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें केवल वर्तमान छात्र-छात्राओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पुरोला क्षेत्र में उच्च शिक्षा की बेहतर व्यवस्था और आने वाले विद्यार्थियों के भविष्य से भी जुड़ी हुई हैं।
छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। अब छात्र नेताओं की मांगों पर महाविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित उच्च शिक्षा विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर छात्र-छात्राओं की नजर बनी हुई है।
